​बिजली के स्विच बोर्ड में स्पार्किंग क्यों होती है? जानिए जलने की बदबू और चट-चट की आवाज़ आने पर क्या करें

 ​घर या दुकान में जब हम पंखा, कूलर, प्रेस या हीटर का प्लग लगाते हैं या स्विच ऑन करते हैं, तो कई बार स्विच के अंदर से नीली चिंगारी (Sparking) निकलती है या चट-चट की आवाज़ आने लगती है। कई बार बोर्ड के पास से प्लास्टिक जलने जैसी तीखी बदबू भी आने लगती है।

​लोग अक्सर इसे छोटी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह लापरवाही पूरे स्विच बोर्ड को पिघला सकती है और घर में आग लगने का बड़ा कारण बन सकती है।

​स्विच बोर्ड में स्पार्किंग क्यों होती है और ऐसी स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए? आइए इसे पूरी डिटेल में समझते हैं।

​1. स्विच बोर्ड में स्पार्किंग और हीटिंग के 4 मुख्य कारण

​ढीले कनेक्शन (Loose Wire Connections):

यह स्पार्किंग का सबसे बड़ा कारण है। जब स्विच या सॉकेट के पीछे कसा हुआ तार का पेंच (Screw) समय के साथ ढीला हो जाता है, तो करंट सही से पास नहीं हो पाता और चिंगारी बनने लगती है।

​हल्की क्वालिटी के लोकल स्विच-सॉकेट:

सस्ते लोकल स्विच के अंदर की पीतल की पत्ती बहुत पतली होती है। जब उसमें कोई भारी प्लग लगाया जाता है, तो वह ढीली पड़ जाती है और बार-बार स्पार्क करती है।

​क्षमता से अधिक लोड (Overloading):

6 Ampere के छोटे सॉकेट में 1500W का गीजर, हीटर या प्रेस लगाने से सॉकेट अंदर से पिघलने लगता है और धुआं निकलने लगता है।

​प्लग के पिन का ढीला होना:

अगर प्लग की पिन सॉकेट के छेदों में पूरी टाइट नहीं बैठती और हिलती रहती है, तो हर बार हिलने पर स्पार्किंग होती है और सॉकेट के छेद काले पड़ जाते हैं।

​2. अगर स्विच बोर्ड से चिंगारी या जलने की बदबू आए तो तुरंत क्या करें?

​तुरंत मेन MCB या Isolator बंद करें:

अगर बोर्ड से धुआं या तेज जलने की बदबू आ रही है, तो बोर्ड को छूने की कोशिश न करें। सबसे पहले मेन डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स में जाकर उस कमरे की MCB या मेन स्विच गिरा दें।

​उपकरण का प्लग बाहर निकालें:

बिजली बंद करने के बाद ही भारी उपकरण (जैसे हीटर या गीजर) के प्लग को सॉकेट से अलग करें।

​जले हुए स्विच का दोबारा इस्तेमाल न करें:

अगर स्विच काला पड़ गया है या अटक गया है, तो उसे चालू करने की ज़िद न करें। जब तक नया स्विच न लग जाए, उस लाइन को बंद रखें।

​3. स्पार्किंग से बचने के 4 आसान और पक्के उपाय

​हमेशा ISI मार्क वाले मॉड्युलर स्विच लगाएं:

Anchor, Havells, Legrand, Schneider जैसी अच्छी कंपनियों के मॉड्युलर स्विच और सॉकेट में स्पार्क-शील्ड और पॉलीकार्बोनेट मटेरियल होता है, जो आग नहीं पकड़ता।

​पिन टाइट करने वाले सॉकेट और 3-पिन टॉप:

कभी भी 2-पिन वाले ढीले प्लग से भारी सामान न चलाएं। हमेशा सॉलिड 3-पिन टॉप लगाएं ताकि अर्थिंग भी मिले और कनेक्शन भी टाइट रहे।

​साल में एक बार बोर्ड्स की टाइटनिंग:

घर की मेंटेनेंस के दौरान किसी इलेक्ट्रीशियन से मेन बोर्ड्स और पावर सॉकेट्स के पेंच दोबारा टाइट करवाएं।

​भारी लोड के लिए 16A/20A का सेपरेट बोर्ड:

कूलर, हीटर, माइक्रोवेव, प्रेस और मिक्सी के लिए हमेशा 16 Ampere का पावर सॉकेट ही लगवाएं।

​हमारा निष्कर्ष और सलाह:

​बिजली के बोर्ड में चट-चट की आवाज़ या हल्की सी भी नीली चिंगारी कोई सामान्य बात नहीं है। यह इस बात का संकेत है कि आपका स्विच या तार ओवरलोड हो रहा है।

​ऐसी स्थिति में तुरंत सतर्क हों, लोकल स्विच की जगह ब्रांडेड पार्ट्स लगाएं और अपने परिवार को शॉर्ट सर्किट के खतरे से सुरक्षित रखें।

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