खंभे से बिजली मीटर तक आने वाली सर्विस केबल (Service Cable) का सही साइज कैसे चुनें? एल्युमीनियम या कॉपर?
जब हम नया घर बनाते हैं, तो अंदर की फिटिंग में महंगे मॉड्यूलर स्विच और ब्रांडेड कॉपर वायर लगाते हैं। लेकिन जब बात बिजली के खंभे (Electric Pole) से घर के मीटर तक मेन लाइन (Service Cable) लाने की होती है, तो अक्सर लोग कोई भी सस्ता या पतला तार डाल देते हैं।
यही वजह है कि गर्मियों में जब घर का एसी या कूलर चलता है, तो ओवरलोड के कारण यह मेन केबल पिघल जाती है, टूट कर गिर जाती है या मीटर बॉक्स में आग लग जाती है।
खंभे से मीटर तक आने वाली सर्विस केबल कैसी होनी चाहिए, इसका सही साइज क्या हो और कॉपर लें या एल्युमीनियम? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
1. घर के लोड के हिसाब से सर्विस केबल का सही साइज (Sq. mm)
सर्विस केबल का साइज इस बात पर निर्भर करता है कि आपके घर में कितने किलोवाट (kW) का लोड है और क्या-क्या भारी उपकरण चलने वाले हैं:
1 से 2 kW का लोड (बिना एसी वाला घर):
अगर घर में सिर्फ पंखे, लाइटें, टीवी और एक सामान्य फ्रिज है, तो खंभे से मीटर तक 6 sq mm (एल्युमीनियम) या 4 sq mm (कॉपर) की 2-कोर सर्विस केबल (Twin Core) बिल्कुल सही रहेगी।
3 से 5 kW का लोड (1 या 2 एसी और गीजर):
अगर घर में इन्वर्टर एसी, पानी की मोटर, माइक्रोवेव और गीजर है, तो कभी भी पतले तार का रिस्क न लें। इसके लिए 10 sq mm (एल्युमीनियम) या 6 sq mm (कॉपर) की केबल अनिवार्य है।
5 kW से ज़्यादा का लोड (बड़ा घर या दुकान):
जहाँ 3-4 एसी या भारी कमर्शियल लोड हो, वहाँ 16 sq mm (एल्युमीनियम) की केबल या 3-फेज (4-Core) कनेक्शन के लिए 10 sq mm (कॉपर) केबल का ही इस्तेमाल करें।
2. एल्युमीनियम (Aluminum) vs कॉपर (Copper): कौन सा तार बेस्ट है?
एल्युमीनियम सर्विस केबल (Aluminum):
यह बाहर खंभे से मीटर तक के लिए सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली केबल है। यह सस्ती होती है, वज़न में हल्की होती है और चोर इसे आसानी से काट कर नहीं ले जाते (क्योंकि कबाड़ी इसे ज्यादा भाव में नहीं खरीदते)।
कॉपर सर्विस केबल (Copper):
यह करंट का सबसे बेहतरीन सुचालक (Conductor) है। यह महंगी होती है लेकिन इसका लाइफ-स्पैन (उम्र) बहुत ज्यादा होता है और यह भारी लोड पर भी जल्दी गर्म नहीं होती।
सलाह: अगर खंभा घर से बहुत दूर (50 मीटर से ज़्यादा) है, तो एल्युमीनियम का मोटा तार (10 या 16 sq mm) लें। अगर खंभा बिल्कुल पास है, तो कॉपर केबल (4 या 6 sq mm) लगाना सबसे सुरक्षित और बेस्ट है।
3. सर्विस केबल लगाते समय 3 सबसे ज़रूरी सावधानियां
बीच में कोई जॉइंट (Joint) न हो:
खंभे से लेकर आपके मीटर तक का तार एक सिंगल टुकड़ा होना चाहिए। बीच में टेप लगा हुआ जॉइंट स्पार्किंग, वोल्टेज ड्रॉप और कार्बन जमने का सबसे बड़ा कारण बनता है।
सपोर्टिंग वायर (GI Wire) का इस्तेमाल:
अगर खंभा बहुत दूर है, तो सर्विस केबल को सीधा हवा में न तानें। केबल के साथ एक लोहे का जीआई वायर (GI Messenger Wire) बांधें, ताकि आंधी-तूफान में सारा खिंचाव लोहे के तार पर पड़े और बिजली का तार टूटने से बच जाए।
वेदरप्रूफ और ISI मार्क:
सर्विस केबल 24 घंटे धूप, बारिश और सर्दी झेलती है। इसलिए हमेशा ISI मार्क वाली और UV-Resistant (अल्ट्रावायलेट किरणों से सुरक्षित) मोटी पीवीसी कोटिंग वाली केबल ही खरीदें (जैसे Polycab, Havells, Anchor या KEI)।
हमारा निष्कर्ष और सलाह:
खंभे से आने वाली मेन सर्विस केबल पूरे घर की "जीवन रेखा" (Lifeline) है। अगर यह तार कमज़ोर हुआ, तो घर के अंदर लगे लाखों रुपए के बिजली उपकरण और वायरिंग किसी काम के नहीं रहेंगे।
हमेशा अपनी ज़रूरत से एक साइज़ मोटी केबल चुनें। एक सामान्य 2-BHK एसी वाले घर के लिए 10 sq mm का एल्युमीनियम ट्विन-कोर वायर सबसे सुरक्षित और बजट-फ्रेंडली विकल्प है।


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