​क्या नॉर्मल इनवर्टर को सोलर इनवर्टर बना सकते हैं? जानिए Solar Management Unit (SMU) का सही तरीका और खर्च

 ​अक्सर जब लोग घर पर सोलर पैनल लगवाने की सोचते हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि उनके घर में जो पहले से साधारण इनवर्टर और बैटरी लगी है, क्या उसे फेंककर नया महंगा सोलर इनवर्टर खरीदना पड़ेगा?

​नया सोलर इनवर्टर खरीदने में ₹8,000 से ₹15,000 तक का अतिरिक्त खर्च हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक छोटे से डिवाइस की मदद से आप अपने पुराने नॉर्मल इनवर्टर को ही पूरी तरह ऑटोमैटिक सोलर इनवर्टर में बदल सकते हैं?

​यह कैसे संभव है, इसके लिए कौन सा डिवाइस लगता है और कितना खर्च आता है? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

​1. नॉर्मल इनवर्टर और सोलर इनवर्टर में क्या अंतर है?

​नॉर्मल इनवर्टर: यह केवल सरकारी बिजली (Grid) से बैटरी को चार्ज करता है और बिजली जाने पर बैटरी से बैकअप देता है। इसमें सोलर पैनल के तार जोड़ने की कोई जगह नहीं होती।

​सोलर इनवर्टर: इसमें सोलर चार्ज कंट्रोलर इनबिल्ट होता है। यह दिन में धूप से बैटरी चार्ज करता है, सोलर से घर का लोड चलाता है और जब धूप न हो तभी सरकारी बिजली का इस्तेमाल करता है।

​2. पुराने इनवर्टर को सोलर इनवर्टर कैसे बनाएं? (SMU क्या है?)

​अपने पुराने इनवर्टर को सोलर इनवर्टर में बदलने के लिए एक डिवाइस आता है जिसे SMU (Solar Management Unit) या Solar Conversion Kit कहा जाता है।

​SMU कैसे काम करता है?

​SMU को आपके मौजूदा इनवर्टर, बैटरी और छत पर लगे सोलर पैनल के बीच में जोड़ दिया जाता है।

​यह एक दिमाग (Brain) की तरह काम करता है। दिन में जैसे ही छत से सोलर बिजली बनने लगती है, SMU सरकारी बिजली को अपने आप काट (Disconnect) देता है।

​दिनभर आपका घर सोलर बिजली और बैटरी पर चलता है।

​शाम को जब धूप खत्म हो जाती है, तो यह अपने आप दोबारा सरकारी बिजली चालू कर देता है ताकि रात में बैटरी चार्ज रहे।

​3. नॉर्मल इनवर्टर को सोलर बनाने के 3 बड़े फायदे

​भारी पैसों की बचत: आपको अपना पुराना चालू इनवर्टर औने-पौने दाम में बेचने की ज़रूरत नहीं पड़ती। नया इनवर्टर खरीदने का ₹10,000 से ₹15,000 का खर्च बच जाता है।

​बिजली बिल में भारी कटौती: दिन के समय पंखे, टीवी, कूलर और लाइट का सारा लोड सोलर पैनल से चलने लगता है, जिससे हर महीने बिजली यूनिट्स की भारी बचत होती है।

​बैटरी की लंबी उम्र: SMU में लगा सोलर कंट्रोलर बैटरी को ओवरचार्जिंग और डीप डिस्चार्ज से बचाता है, जिससे साधारण ट्यूबलर बैटरी की लाइफ बढ़ जाती है।

​4. कौन सा SMU चुनें और कितना खर्च आएगा?

​बाज़ार में दो तरह की तकनीक वाले SMU आते हैं:

​PWM Solar SMU:

​यह सबसे किफायती होता है।

​कीमत: लगभग ₹2,000 से ₹3,500 के बीच।

​किसके लिए सही: अगर आप 12V की सिंगल बैटरी पर 300W से 500W तक के सोलर पैनल लगाना चाहते हैं।

​MPPT Solar SMU:

​यह सबसे आधुनिक तकनीक है जो कम धूप में भी 30% ज़्यादा बिजली खींचती है।

​कीमत: लगभग ₹5,000 से ₹8,000 के बीच।

​किसके लिए सही: अगर आप 800W से 1500W के बड़े Mono PERC पैनल लगाना चाहते हैं।

​प्रमुख ब्रांड्स: UTL (Gamma Plus SMU / Heliac), Luminous (Solarverter SMU), Microtek और Livguard।

​हमारा निष्कर्ष और सलाह:

​अगर आपके घर में पहले से एक अच्छी कंडीशन का इन्वर्टर और 150Ah या 200Ah की बैटरी मौजूद है, तो नया सोलर इन्वर्टर खरीदने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है।

​आप मात्र ₹2,500 से ₹4,000 का एक Solar Management Unit (SMU) और छत पर 2 सोलर पैनल (330W से 540W) लगवाकर अपने पुराने सिस्टम को एक शानदार सोलर पावर प्लांट में बदल सकते हैं।

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