Search This Blog
घर की बिजली वायरिंग, 100% शुद्ध कॉपर वायर, इनवर्टर-बैटरी, मॉडर्न प्रोफाइल लाइट और झूमर की संपूर्ण गाइड व इलेक्ट्रिकल बाज़ार की ताज़ा ख़बरें।
Featured
- Get link
- X
- Other Apps
घर की वायरिंग में किस उपकरण के लिए कितने Sq. mm का तार लगाएं? जानिए 1mm, 1.5mm, 2.5mm और 4mm वायर का सही गणित
नया मकान बनाते समय अक्सर लोग वायरिंग का ठेका दे देते हैं और इलेक्ट्रीशियन के भरोसे छोड़ देते हैं। कई बार ठेकेदार पैसे बचाने के लिए या अज्ञानतावश पूरे घर में पतले तार डाल देते हैं।
शुरुआत में तो सब ठीक चलता है, लेकिन जैसे ही गर्मियों में एसी, गीज़र, फ्रिज या इंडक्शन चूल्हा एक साथ चालू होता है, तो दीवार के अंदर के तार गर्म होने लगते हैं, बिजली का बिल बिना वजह बढ़ जाता है और कभी-कभी फॉल्ट होकर तार आपस में चिपक जाते हैं।
घर की वायरिंग में किस लोड पर कितने Sq. mm (स्क्वायर मिलीमीटर) का तार लगाना चाहिए? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
1. वायर के साइज़ (Sq. mm) का सही हिसाब
0.75 mm² से 1.0 mm² वायर:
यह 6 से 10 एम्पीयर तक का हल्का लोड ले सकता है। इसका इस्तेमाल सीलिंग लाइट्स, ट्यूबलाइट, पंखे, नाइट लैंप और टीवी पॉइंट के लिए किया जाता है।
1.5 mm² वायर:
यह 12 से 15 एम्पीयर तक का करंट आराम से झेल लेता है। इसका इस्तेमाल कमरों के सामान्य 5A सॉकेट बोर्ड, फ्रिज, कंप्यूटर, कूलर और मिक्सी चलाने के लिए सबसे सही रहता है।
2.5 mm² वायर:
यह 18 से 22 एम्पीयर तक के हैवी लोड के लिए होता है। 1.0 या 1.5 टन के Split AC, बाथरूम के गीज़र, वाशिंग मशीन, माइक्रोवेव और रूम हीटर के लिए हमेशा 2.5 mm² का तार ही लगाना चाहिए।
4.0 mm² वायर:
यह 26 से 30 एम्पीयर तक का भारी लोड ले सकता है। 2.0 टन का AC, पूरे किचन का मेन पावर सर्किट, इंडक्शन कुकटॉप और सबमर्सिबल मोटर के लिए 4 mm² का तार अनिवार्य है।
6.0 mm² वायर:
यह 35 से 40 एम्पीयर तक की क्षमता रखता है। इसका इस्तेमाल मेन बिजली मीटर से घर के मेन डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स (MCB Box) तक की मुख्य सप्लाई लाने के लिए किया जाता है।
2. न्यूट्रल और अर्थिंग तार का साइज़ क्या रखें?
न्यूट्रल वायर (काला तार): न्यूट्रल में हमेशा फेज़ तार के बराबर मोटाई का ही तार लगाएं। अगर फेज़ 2.5 mm² का है, तो न्यूट्रल भी 2.5 mm² का ही होना चाहिए।
अर्थिंग वायर (हरा तार): कमरों के सामान्य बोर्ड्स के लिए 1.0 mm² और भारी उपकरणों (जैसे एसी, गीज़र, सबमर्सिबल) वाले बोर्ड्स के लिए कम से कम 1.5 mm² का हरा कॉपर तार ज़रूर लगाएं।
3. गलत साइज़ का तार लगाने के 3 बड़े नुकसान
वोल्टेज ड्रॉप (कम वोल्टेज): जब पतले तार पर भारी लोड चलता है, तो उपकरण तक पूरी बिजली नहीं पहुँचती, जिससे उपकरण ठीक से काम नहीं करता।
बिजली बिल में बढ़ोतरी: तार ओवरलोड होने पर गर्म होता है और वह बिजली की ऊर्जा गर्मी बनकर बर्बाद होती है, जिससे मीटर तेज़ चलता है।
शॉर्ट-सर्किट का खतरा: तार का पीवीसी इंसुलेशन ज्यादा गर्मी से पिघल जाता है और दीवार के अंदर ही तार आपस में चिपक जाते हैं।
4. तार खरीदते समय 3 बातें ज़रूर देखें
100% शुद्ध तांबा: हमेशा 99.97% शुद्ध कॉपर वायर ही चुनें।
FR / FRLS इंसुलेशन: हमेशा Flame Retardant (FR) या FRLS (धुआँ और आग न पकड़ने वाला) तार ही लें।
भरोसेमंद ब्रांड्स: Polycab, Havells, RR Kabel, Finolex या Anchor जैसे ISI प्रमाणित ब्रांड्स ही लगाएं।
हमारा निष्कर्ष और सलाह:
घर की नींव की तरह ही दीवार के अंदर की वायरिंग भी ज़िंदगी में एक ही बार होती है। कुछ हज़ार रुपये बचाने के चक्कर में पतले तार लगवाने की भूल कभी न करें। सही लोड के अनुसार सही Sq. mm का ब्रांडेड कॉपर वायर ही लगवाएं ताकि आपका परिवार और उपकरण हमेशा सुरक्षित रहें।
- Get link
- X
- Other Apps
Popular Posts
सर्दियों में पानी गर्म करने के लिए Geyser सही है या Immersion Rod? जानिए सुरक्षा, बिजली बिल और सही सॉकेट के नियम
- Get link
- X
- Other Apps
कुमार मंगलम बिड़ला की एक चाल से बाज़ार में हाहाकार: Polycab और KEI Industries 9% तक क्यों टूटे? जानिए UltraVolt की एंट्री का ज़मीनी सच
- Get link
- X
- Other Apps

Comments
Post a Comment