साधारण पंखे के मुकाबले BLDC सीलिंग फैन कितनी बिजली बचाता है? जानिए 1 साल की बचत, कीमत और असली गणित


 गर्मियों में घर के बिजली बिल का एक बड़ा हिस्सा लगातार चलने वाले सीलिंग पंखों के कारण आता है। एक औसत भारतीय घर में 4 से 5 पंखे दिन-रात चलते हैं। अब बाज़ार में पारंपरिक इंडक्शन मोटर वाले पंखों की जगह तेज़ी से BLDC (Brushless DC Motor) पंखे ले रहे हैं।

​क्या यह पंखा सच में इतना पैसा बचाता है कि इस पर ज्यादा खर्च किया जाए? आइए इसका पूरा गणित देखते हैं।

​1. बिजली की सीधी खपत का अंतर:

​साधारण पंखा: 70 से 80 वॉट बिजली प्रति घंटा खाता है (रेगुलेटर धीमा करने पर भी बिजली की खपत ज्यादा कम नहीं होती)।

​BLDC पंखा: पूरी 5-स्पीड पर चलने पर भी सिर्फ 28 से 32 वॉट बिजली लेता है (लगभग 60% से 65% सीधी बिजली बचत)।

​2. 1 साल में कितने रुपयों की बचत?

अगर एक घर में 3 पंखे रोज़ाना 14 घंटे चलते हैं:

​साधारण पंखे साल भर में लगभग 1,100 से 1,200 यूनिट बिजली खर्च करते हैं (लगभग ₹8,000 से ₹9,000 का बिल)।

​BLDC पंखे पूरे साल में केवल 400 से 450 यूनिट बिजली लेते हैं (लगभग ₹3,000 का बिल)।

​यानी 3 पंखों से साल भर में लगभग ₹5,000 की सीधी नकद बचत होती है। इस बचत से पंखे की बढ़ी हुई अतिरिक्त कीमत 1 से 1.5 साल में पूरी वसूल हो जाती है।

​3. इन्वर्टर पर डबल बैकअप:

​कम वॉट लेने की वजह से इन्वर्टर पर BLDC पंखा सामान्य पंखे के मुकाबले दोगुने से ज्यादा समय तक बैकअप देता है।

​इसमें वोल्टेज कम-ज्यादा होने पर भी पंखे की रफ्तार धीमी नहीं पड़ती और न ही 'हमिंग' (भनभनाहट) की आवाज आती है।

​हमारा निष्कर्ष:

अगर आप नया मकान बनवा रहे हैं या पुराने पंखे बदलने की सोच रहे हैं, तो रिमोट वाले BLDC पंखे लगाना हर तरह से फायदे का सौदा है।

Comments