विदेशों में शॉर्ट सर्किट से घर क्यों नहीं जलते? जानिए भारतीय प्लग-सॉकेट और पश्चिमी देशों के सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का कड़वा सच!
रोज़ सुबह अखबार खोलते ही या न्यूज़ चैनलों पर एक खबर लगभग तय होती है— "शॉर्ट सर्किट से दुकान में लगी भीषण आग, लाखों का माल जलकर खाक" या "सॉकेट में स्पार्किंग से मकान में भड़की आग।" हम इन खबरों को पढ़कर आगे बढ़ जाते हैं और मान लेते हैं कि बिजली का काम है, तो हादसा होना तो स्वाभाविक है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अमेरिका, ब्रिटेन (UK), जर्मनी या रूस जैसे देशों में आए दिन शॉर्ट सर्किट से घर और दुकानें क्यों नहीं जलतीं? क्या उनकी बिजली में करंट नहीं होता? हकीकत यह है कि बिजली वही है, लेकिन सुरक्षा की सोच, प्लग-सॉकेट का डिज़ाइन और सरकारी नियम हमारे यहाँ से 50 साल आगे हैं। आज कान्हा इलेक्ट्रिकल पर हम बात करेंगे कि हमारे भारतीय घरों के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में कहाँ बड़ी खामी है और विदेशों से हमें क्या सीखने की सख्त ज़रूरत है। 1. प्लग का डिज़ाइन: यूके (UK) का 'Type-G' प्लग दुनिया में सबसे सुरक्षित क्यों? भारत में हम जो 3-पिन प्लग (राउंड पिन) इस्तेमाल करते हैं, वह असल में 70 साल पुराना पुराना ब्रिटिश डिज़ाइन (BS 546) है, जिसे ब्रिटेन ने खुद दशकों पहले छ...