Cable Gland and Lugs Guide: आर्मर्ड केबल में ब्रास ग्लैंड और थिम्बल क्यों अनिवार्य हैं? जानिए सिंगल vs डबल कम्प्रेशन का सच

 

किसी भी फैक्ट्री, कमर्शियल बिल्डिंग, आटा चक्की या हेवी मोटर पैनल में जब 3-फेज आर्मर्ड केबल (Armoured Cable) पहुंचाई जाती है, तो अक्सर साधारण इलेक्ट्रीशियन केबल की आर्मरिंग (लोहे की जाली/पत्ती) को काटकर पैनल में ऐसे ही घुसा देते हैं और तारों को सीधे एमसीबी या बसबार के नट-बोल्ट में लपेट देते हैं।

यह लापरवाही किसी भी इंडस्ट्रियल पैनल में आग लगने और शॉर्ट-सर्किट का सबसे बड़ा कारण बनती है। बिना ब्रास केबल ग्लैंड (Brass Cable Gland) और बिना प्रॉपर लग्स (Lugs / Thimbles) के केबल जोड़ना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि अर्थिंग को फेल कर देता है। कान्हा इलेक्ट्रिकल (रसूलिया, नर्मदापुरम) के इस इन-डेप्थ गाइड में जानिए कि केबल ग्लैंड्स और लग्स का सही इंजीनियरिंग तरीका क्या है।

Cable Gland and Lugs Installation Kanha Electricals

आर्मर्ड केबल के लिए ब्रास केबल ग्लैंड और अर्थ टैग युक्त टर्मिनेशन


1. केबल ग्लैंड क्यों लगाया जाता है? 3 प्रमुख कारण

  1. अर्थ कंटिन्यूटी (Earth Continuity): आर्मर्ड केबल की लोहे की पत्ती (Armour) केवल मजबूती के लिए नहीं होती, वह अर्थिंग का काम भी करती है। ब्रास ग्लैंड आर्मर को कसकर पकड़ता है और ग्लैंड के साथ लगा 'अर्थ टैग' पैनल की बॉडी से जुड़कर मजबूत अर्थिंग सुनिश्चित करता है।
  2. मैकेनिकल स्ट्रेन रिलीफ (खिंचाव से सुरक्षा): यदि केबल पर कोई बाहरी खिंचाव आता है, तो सारा जोर ग्लैंड पर पड़ता है; अंदर मेन स्विच या बसबार के टर्मिनल ढीले नहीं होते।
  3. धूल और नमी से सीलिंग (Ingress Protection): ग्लैंड का रबर वॉशर पैनल के अंदर बारिश का पानी, नमी और जहरीले कीड़े-मकोड़े जाने से रोकता है।

2. सिंगल कम्प्रेशन vs डबल कम्प्रेशन ग्लैंड

फ़ीचर सिंगल कम्प्रेशन ग्लैंड (Single Compression) डबल कम्प्रेशन ग्लैंड (Double Compression)
पकड़ (Grip) केवल केबल की आर्मरिंग को पकड़ता है आर्मरिंग और अंदर की इनर शीथ (Inner Sheath) दोनों को पकड़ता है
वॉटरप्रूफिंग स्तर सामान्य वेदरप्रूफ (IP54) 100% हेवी वॉटरप्रूफ और गैसप्रूफ (IP66/IP67)
उपयोग का स्थान इंडोर पैनल्स, कमर्शियल बिल्डिंग, सामान्य मोटर्स आउटडोर पैनल्स, रासायनिक कारखाने, रिफाइनरी, सबस्टेशन

3. केबल लग्स (Lugs / Thimbles) और क्रिम्पिंग का नियम

  • बाय-मेटेलिक लग्स का उपयोग: यदि केबल एल्युमिनियम की है और बसबार तांबे (Copper) का है, तो कभी भी सादा तांबे का लग न लगाएं। दोनों धातुओं के मिलने से गैल्वेनिक जंग (Galvanic Corrosion) होती है। इसके लिए हमेशा Bi-Metallic Lugs (एल्युमिनियम बैरल + कॉपर पाम) लगाएं।
  • हाइड्रोलिक क्रिम्पिंग टूल: लग्स को कभी हथौड़ी से न पीटें। हथौड़ी से दबाने पर अंदर हवा की जगह रह जाती है, जिससे हाई लोड पर स्पार्किंग होकर लग पिघल जाता है। हमेशा Hydraulic Crimping Tool से ही लग्स दबाएं।

कान्हा इलेक्ट्रिकल — इंडस्ट्रियल केबलिंग एवं हार्डवेयर सप्लायर

हेवी ब्रास केबल ग्लैंड्स (सिंगल व डबल कम्प्रेशन), कॉपर/एल्युमिनियम लग्स, हीट श्रिंक स्लीव्स, पीवीसी श्राउड्स और आर्मर्ड केबल एक्सेसरीज़ उपलब्ध हैं।

📍 कान्हा इलेक्ट्रिकल | भोपाल चौराहा, इटारसी रोड, रसूलिया, नर्मदापुरम | 📞 +91-9977702042

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