Star-Delta Starter vs DOL Starter: 3-Phase मोटर में स्टार-डेल्टा स्टार्टर क्यों जरूरी है? जानिए स्टार्टिंग करंट और वाइंडिंग सुरक्षा का गणित
खेती के पानी के पंप, आटा चक्की या औद्योगिक इकाइयों में 3-फेज इंडक्शन मोटर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। छोटी मोटरों (5HP तक) को तो साधारण डायरेक्ट-ऑन-लाइन (DOL) स्टार्टर से चालू कर दिया जाता है, लेकिन 7.5HP या उससे बड़ी मोटर के लिए हमेशा स्टार-डेल्टा (Star-Delta) स्टार्टर लगाने की सलाह दी जाती है।
अगर बड़ी मोटर को डायरेक्ट चालू किया जाए, तो वह लाइन से इतना भारी करंट खींचती है कि ट्रांसफार्मर का वोल्टेज बैठ जाता है और मोटर की वाइंडिंग जलने का खतरा पैदा हो जाता है। कान्हा इलेक्ट्रिकल & सोलर (रसूलिया, नर्मदापुरम) के इस तकनीकी आर्टिकल में जानिए स्टार-डेल्टा स्टार्टर का असली कार्य सिद्धांत।
1. मोटर चालू होते ही क्या होता है? (Inrush Current Problem)
जब एक 3-फेज इंडक्शन मोटर स्थिर अवस्था से चालू होती है, तो शुरुआत में रोटर में कोई बैक-ईएमएफ (Back-EMF) नहीं होता। इस वजह से मोटर अपने फुल लोड करंट से 6 से 8 गुना ज्यादा करंट खींचती है। यदि 10HP की मोटर फुल लोड पर 14A लेती है, तो चालू होते ही वह कुछ सेकंड के लिए 80A से 100A का करंट खींचेगी।
2. स्टार-डेल्टा स्टार्टर का कार्य सिद्धांत (Star to Delta Transition)
चरण 1: स्टार कनेक्शन (Star Mode में स्टार्ट होना)
स्टार्ट बटन दबाते ही टाइमर मोटर की वाइंडिंग्स को पहले 'स्टार' (Star) में जोड़ता है। स्टार कनेक्शन में प्रत्येक वाइंडिंग पर 415V के बजाय केवल 240V (Line Voltage / √3) वोल्टेज ही पहुंचता है। कम वोल्टेज मिलने के कारण मोटर का स्टार्टिंग करंट सीधे घटकर सामान्य का एक-तिहाई (1/3) रह जाता है।
चरण 2: टाइमर और डेल्टा कनेक्शन (Delta Mode में फुल स्पीड)
लगभग 5 से 9 सेकंड बाद, जब मोटर अपनी कुल रफ्तार का 75% से 80% आरपीएम पकड़ लेती है, तो स्टार्टर का टाइमर स्टार कॉन्टैक्टर को हटाकर 'डेल्टा' (Delta) कॉन्टैक्टर ऑन कर देता है। अब प्रत्येक वाइंडिंग को पूरा 415V मिलने लगता है और मोटर पूरे टॉर्क के साथ सामान्य रूप से चलने लगती है।
3. DOL स्टार्टर और स्टार-डेल्टा स्टार्टर में सीधा फर्क
- मोटर क्षमता: DOL स्टार्टर 1HP से 5HP तक के लिए उपयुक्त है; जबकि स्टार-डेल्टा स्टार्टर 7.5HP से 25HP और उससे ऊपर अनिवार्य है।
- तारों की संख्या: DOL स्टार्टर से मोटर तक केवल 3 तार (R-Y-B) जाते हैं, जबकि स्टार-डेल्टा स्टार्टर से मोटर के टर्मिनल बॉक्स तक 6 तार (U1, V1, W1 और U2, V2, W2) ले जाने पड़ते हैं।
- लाइन सुरक्षा: स्टार-डेल्टा स्टार्टर लगाने से ट्रांसफार्मर पर लोड का झटका नहीं लगता और आस-पास की लाइटें फ्लिकर (मद्धम) नहीं होतीं।
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कान्हा इलेक्ट्रिकल & सोलर — ओरिजिनल मोटर स्टार्टर्स और कंट्रोल पैनल्स
L&T, BCH, Havells, Schneider के 3-फेज सेमी-ऑटोमैटिक व फुली-ऑटोमैटिक स्टार-डेल्टा स्टार्टर्स, ओवरलोड रिले (OLR), टाइमर्स और स्पेयर कॉन्टैक्टर्स के लिए संपर्क करें।
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