Surge Protection Device (SPD): आकाशीय बिजली और वोल्टेज स्पाइक से टीवी-इन्वर्टर कैसे बचाएं? जानिए Type 1 vs Type 2 का सच
बारिश के दिनों में जब आसमान में तेज बिजली कड़कती है या पास के किसी ट्रांसफॉर्मर पर आकाशीय बिजली गिरती है, तो अक्सर घरों में लगा स्मार्ट टीवी, इन्वर्टर का मदरबोर्ड, वाई-फाई राउटर और एसी की पीसीबी अचानक फुंक जाती है — भले ही वे उपकरण उस समय रिमोट से बंद ही क्यों न हों!
अधिकांश लोग सोचते हैं कि उनके बोर्ड में MCB और RCCB लगी है, तो सब सुरक्षित है। लेकिन कड़वा सच यह है कि MCB और RCCB बिजली के इस सूक्ष्म सेकेंड वाले वोल्टेज झटके (Voltage Surge) को नहीं रोक सकते। वोल्टेज सर्च को ज़मीन में सुरक्षित डिस्चार्ज करने का काम केवल एक ही डिवाइस करती है — सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस (Surge Protection Device - SPD)। कान्हा इलेक्ट्रिकल (रसूलिया, नर्मदापुरम) के इस इन-डेप्थ गाइड में जानिए कि आपके मेन डिस्ट्रीब्यूशन पैनल में SPD क्यों अनिवार्य है।
डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड में टाइप 1+2 सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइस (SPD) का वायरिंग आरेख
1. सर्ज (Surge) क्या है और MCB इसे क्यों नहीं पकड़ पाती?
- वोल्टेज सर्ज: आकाशीय बिजली गिरने या पावर ग्रिड की स्विचिंग के कारण तारों में मात्र कुछ माइक्रो-सेकंड्स (माइक्रो-सेकंड = 1 सेकंड का दस लाखवां हिस्सा) के लिए वोल्टेज अचानक 230V से बढ़कर 5,000V से 10,000V (किलोवोल्ट) तक उछल जाता है।
- MCB की सीमा: MCB को ट्रिप होने में कम से कम 20 से 40 मिली-सेकंड का समय लगता है। जब तक MCB सोचती है, तब तक यह हाई-वोल्टेज शॉक टीवी और इन्वर्टर के सूक्ष्म सिलिकॉन चिप्स को जलाकर खाक कर चुका होता है।
- SPD का काम: SPD के अंदर उच्च क्षमता वाले MOV (Metal Oxide Varistor) लगे होते हैं। जैसे ही वोल्टेज 275V से ऊपर जाता है, यह नैनो-सेकंड्स में सक्रिय होकर सारे अतिरिक्त वोल्टेज को मेन अर्थिंग वायर के रास्ते जमीन के अंदर उतार देता है।
2. Type 1 vs Type 2 SPD में क्या अंतर है?
| फ़ीचर | Type 1 SPD (क्लास B) | Type 2 SPD (क्लास C) |
|---|---|---|
| सुरक्षा का स्तर | सीधी आकाशीय बिजली (Direct Lightning Stroke) | अप्रत्यक्ष बिजली व ग्रिड स्विचिंग सर्ज (Switching Surges) |
| डिस्चार्ज क्षमता (Iimp/In) | अत्यधिक भारी तरंग (10/350 μs वेवफॉर्म) | मध्यम तरंग (8/20 μs वेवफॉर्म, 20kA से 40kA) |
| स्थापना का स्थान | मेन इनकमर पैनल / मीटर के तुरंत बाद | सब-डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड (कमरों या सोलर इनवर्टर के पास) |
आधुनिक घरों और सोलर सिस्टम के लिए सबसे बेस्ट विकल्प Type 1+2 कंबाइंड SPD होता है, जो दोनों तरह के खतरों से एक साथ निपटता है।
3. SPD लगाते समय 2 अत्यंत आवश्यक नियम
- मजबूत केमिकल अर्थिंग: SPD अतिरिक्त करंट को अर्थिंग में भेजता है। यदि आपके घर की अर्थिंग कमजोर है या कटी हुई है, तो SPD काम नहीं करेगा। अर्थ रेजिस्टेंस हमेशा 2 ओह्म से कम होना चाहिए।
- विजुअल इंडिकेटर (Green / Red Flag): हर अच्छे SPD पर एक फ्लैग इंडिकेटर होता है। जब तक वह हरा (Green) है, डिवाइस सही है। भारी बिजली का झटका झेलने के बाद जब वह लाल (Red) हो जाए, तो समझ लें कि उसने अपनी जान देकर आपके उपकरणों को बचा लिया; अब उसका कार्ट्रिज बदलना पड़ेगा।
कान्हा इलेक्ट्रिकल — स्विचगियर एवं सर्ज प्रोटेक्शन सेंटर
Schneider, L&T, Havells और C&S के Type 1+2 AC/DC सर्ज प्रोटेक्शन डिवाइसेज (सोलर व मेन बोर्ड हेतु), केमिकल अर्थिंग और डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्सेस उपलब्ध हैं।
📍 कान्हा इलेक्ट्रिकल | भोपाल चौराहा, इटारसी रोड, रसूलिया, नर्मदापुरम | 📞 +91-9977702042
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