Infrared Cooktop vs Induction Cooktop: क्या सच में इन्फ्रारेड पर सभी बर्तन चलते हैं? जानिए बिजली की खपत, हीटिंग और सही चुनाव
रसोई में गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम और अचानक गैस खत्म होने की परेशानी से बचने के लिए आजकल हर घर में इलेक्ट्रिक कुकिंग का इस्तेमाल हो रहा है। लेकिन जब भी कोई ग्राहक नया उपकरण लेने जाता है, तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल आता है कि इंडक्शन कुकटॉप (Induction Cooktop) लें या नया इन्फ्रारेड कुकटॉप (Infrared Cooktop)।
इंडक्शन की सबसे बड़ी कमी यह है कि उस पर केवल फ्लैट बेस वाले खास इंडक्शन बर्तन ही काम करते हैं—पारंपरिक एल्युमिनियम की कड़ाही, तांबे का भगोना या मिट्टी के बर्तन उस पर गर्म नहीं होते। कान्हा इलेक्ट्रिकल & (रसूलिया, नर्मदापुरम) के इस गाइड में समझिए कि इन्फ्रारेड तकनीक कैसे काम करती है और क्या यह आपके लिए सही विकल्प है।
1. इंडक्शन और इन्फ्रारेड के काम करने के तरीके में क्या अंतर है?
1. इंडक्शन कुकटॉप (Electromagnetic Heating)
इंडक्शन के अंदर कॉपर कॉइल होती है जो हाई-फ्रीक्वेंसी मैग्नेटिक फील्ड बनाती है। यह सतह को गर्म नहीं करती, बल्कि केवल लोहे या चुंबकीय स्टील वाले बर्तन की तली में गर्मी पैदा करती है। अगर बर्तन चुंबकीय नहीं है, तो इंडक्शन एरर (E0/E1) दिखाकर बंद हो जाता है।
2. इन्फ्रारेड कुकटॉप (Ceramic Halogen / Infrared Radiation)
इन्फ्रारेड में हाई-ग्रेड सेरेमिक-ग्लास प्लेट के नीचे इन्फ्रारेड हीटिंग कॉइल जलती है जो लाल रोशनी और सीधी थर्मल हीट पैदा करती है। यह गैस चूल्हे की तरह असली आंच देती है, इसलिए इस पर एल्युमिनियम, स्टील, पीतल, तांबा, मिट्टी की हांडी और कांच (Borosil)—किसी भी प्रकार का बर्तन आसानी से रखा जा सकता है।
2. इन्फ्रारेड कुकटॉप के 4 सबसे बड़े फायदे
- नए बर्तन खरीदने का झंझट खत्म: घर में मौजूद किसी भी पुराने बर्तन या गोल तली वाली कड़ाही में खाना बनाया जा सकता है।
- रोटी और पापड़ सेंकने की सुविधा: इसके साथ मिलने वाले BBQ ग्रिल स्टैंड को ऊपर रखकर गैस की तरह सीधी आंच पर फुलके और पापड़ सेके जा सकते हैं।
- सटीक हीटिंग कंट्रोल (Wattage Control): 200W से लेकर 2200W तक के टेंपरेचर को डिजिटल नॉब या टच पैनल से तुरंत सेट किया जा सकता है।
- चाइल्ड लॉक और ओवरहीट कट-ऑफ: आधुनिक इन्फ्रारेड कुकटॉप में वोल्टेज फ्लक्चुएशन से बचाव और बच्चों की सुरक्षा के लिए लॉक सिस्टम होता है।
3. बिजली बिल और गैस सिलेंडर की तुलना
2000 वाट का कुकटॉप 1 घंटे लगातार फुल पावर पर चलने पर लगभग 2 यूनिट बिजली की खपत करता है। यदि सामान्य घरेलू बिजली दर ₹6.50 प्रति यूनिट मानी जाए, तो 1 घंटे की कुकिंग का खर्च लगभग ₹13 आता है। एलपीजी गैस सिलेंडर की तुलना में यह 30% से 40% तक सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल साबित होता है।
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